पैटकर चित्रकारी: महाकाव्यों का दर्शन

भारत वर्ष, जो कि संस्कारों की भूमि है अपने दिव्य इतिहास और अलौकिक महाकाव्यों के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है ।

पैटकर भी ऐसी ही एक प्राचीन चित्रकला है जो आज भी अपने अद्भुत रूप से पुराने किस्सों की आपबीती बोल रहा है।


झारखंड के पूर्वी भाग में स्थित अमदुबी गाँव को पैटकर का गाँव भी कहा जाता है।


'पैटकर' इस गांव की पारंपरिक पेंटिंग है, एक कला रूप जो गांव में प्राचीन काल से मौजूद है।


पैटकर पेंटिंग को झारखंड की स्क्रॉल पेंटिंग के रूप में भी जाना जाता है।


यह चित्रकला पश्चिम बंगाल, बिहार और उड़ीसा तथा भारत के अन्य निकटवर्ती राज्यों में भी लोकप्रिय है।इसलिए पैटकर के बहुसंख्यक चित्रों में बंगाल और झारखंड क्षेत्र के रोजमर्रा जीवन की झलक साफ दिखाई पड़ती है।

पैटकर पेंटिंग को पाटा पेंटिंग का प्रारूप भी माना जा सकता है।

'पाटा चित्र' शब्द का इस्तेमाल प्राचीन काल में लंबी स्क्रॉल पेंटिंग के लिए किया जाता था।

इस स्क्रॉल पेंटिंग का एक लंबवत प्रारूप है।

पाटा चित्रकला भारत की प्राचीनतम लोक चित्रों में से एक है।


पैटकर कलाकार ताड़ के पत्तों को कला का आधार बनाते हैं और ब्रश गिलहरी और बकरी के बालों से बनाए जाते हैं।


पैटकर चित्रकारी में चित्रों को जलरंग पर आधारित प्राकृतिक रंगों से बनाया जाता है।


पैटकर चित्रकार इन खास स्क्राल चित्रों के लिए केवल लाल, पीला और नीले जैसे कुछ चुनिंदा मुख्य रंगों का प्रयोग करते हैं।


इस प्रकार के चित्रों के अधिकांश भाग में मानवीय पात्र को पाया जा सकता है।

ये पात्र प्रोफ़ाइल में और कभी-कभी अर्ध प्रोफ़ाइल में मौजूद होते हैं।

चित्रों में आंखों को लंबा करके दिखाया जाता है जो भारतीय चित्रकला शैली की विशिष्टता को दर्शाती हैं।

चेहरों का मुख्य चित्रण बहुत बाद में केवल 20 वीं शताब्दी के मध्य में आया था।

पैटका में खींची गई सहज रेखाओं में आमतौर पर कोणीयता होती है, और संरचनात्मक विवरण बहुत परिभाषित नहीं होते हैं।


झारखंड के संथाल जनजाति का ऐसा मानना था कि पैटकर चित्रों में भटकती हुए आत्माओं को स्वर्ग पहुंचाकर उनके सारे कष्ट हर लेने की असीम शक्ति है।


पैटकर चित्रकारी में ज्यादातर हिंदू महाकाव्यों का वर्णन मिलता है।

रामायण, महाभारत, मनसा गीत (मनसा पड़ा), काली गीत (काली पड़ा)जैसी लोकातीत कथाओं का चित्रण भी मौजूद है।

रामायण महाकाव्य से देवता राम,देवी सीता और मंदुदरी के चरित्र चित्रण पर केंद्रित चित्रकारी स्थित है।

चित्रकारी एक प्रबल तरीका है हिंदू पौराणिक कथाओं से अतुलनीय शिव या दुर्गा जैसे देवी-देवताओं के कार्यों के बारे में कहानी सुनाकर उन्हें उत्सव की तरह मनाने का; स्थानीय देवी देवता जैसे मनसा देवी का चित्रण भी अंकित है।


पैटकर चित्रकारी जैसे अद्भुत कला को स्क्राॅल तक सीमीत नहीं रहना चाहिए ताकि युवा प्राचीन कथाओं और कला रूप से अवगत हो सकें।


Author: Tanya Saraswati Editor: Rachita Biswas


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